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किसके अम्बेडकर?

रोहित 2019-12-06 12:17:55 Other

किसके अंम्बेडकर? सवाल बेतुका है लेकिन जायज है। अंम्बेडकर को समाज का सिर्फ एक तबका ही क्यों मानता है? क्यो अम्बेडकर को सिर्फ वोटो की राजनीती के लिये ही इस्तेमाल किया जा रहा है? समाज की कुंठित सोच इस बात से लगाई जा सकती है कि अभी हाल ही मे संविधान दिवस मनाया गया था। इस दिन सिर्फ दलित समुदाय मे ही उत्साह दिखाई दिया। क्या संविधान सिर्फ दलितो का है? शायद नही, संविधान देश के हर उस शख्स का है जो भारत मे जन्मा है लेकिन उत्साह सिर्फ एक तबके मे ही क्यो? खुले तौर पर संविधान की प्रति को दिनदहाड़े जला दिया जाता है किसी को कुछ फर्क नही पड़ता है...संविधान की पवित्र किताब से कितनी नफरत है इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है

बाबा साहब को अभी तक वो सम्मान नही मिला है जो मिलना चाहिये। राजनीतिक फायदे के लिये बाबा साहब को खूब इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन दिल से सम्मान, सिर्फ दलित समाज ही दे रहा है। अगर ऐसा नही है तो देश के अलग अलग हिस्सो से बाबा साहब अम्बेडक़र की मूर्ति तोडने की खबर आये दिन सुनने को नही मिलती। ये शर्म की बात है उन लोगो के लिये जो सिर्फ राजनीति फायदे के लिये बाबा साहब को इस्तेमाल करते है। जिनके द्वारा बनाये गये संविधान से देश चलता है, उन्ही की मूर्तियाँ सरेआम तोड़ी जा रही है।

हमने शायद ही कभी सुना होगा कि गाँधी की मूर्ति को तोड़ दिया गया हो, रानी लक्ष्मी बाई की मूर्ति तोड़ दी गई हो या सरदार बल्लभ भाई पटेल की मूर्ति तोड़ दी गई हो फिर अंम्बेड़कर की क्यो??

समाज के एक तबके मे अंम्बेडकर के प्रति इतना गुस्सा क्यो है? हो सकता है कि बाबा साहब अम्बेडकर दलित समुदाय से आते है शायद इस लिये कि उनके द्वारा बनाये संविधान को मानना पड़ रहा है। या इस लिये कि बाबा साहब ने दलित समुदाय को संविधान मे नौकरी और राजनीति मे आरक्षण की व्यवस्था की। इससे साफ नही होता कि अम्बेडकर के प्रति इतने उबाल का क्या कारण है? लेकिन आरक्षण की जरूरत क्यो पड़ी उन लोगों को ये जानने की जरुरत है...हाँ ये सही है कि अब आरक्षण को खत्म किया जाना चाहिये ऐसा लोगों का मानना है....मगर सवाल कई है कि क्या गारंटी है कि आरक्षण खत्म होने के बाद दलितो के प्रति शोषण खत्म हो जायेगा, जाति के आधार पर भेदभाव नही किया जायेगा, क्या गारंटी है कि देश मे सफाई का जिम्मा सिर्फ एक तबके से हटकर सभी जाति के लोगो को सौंप दिया जायेगा? क्या गारंटी है कि बाबा साहब को वही सम्मान मिलेगा जो वास्तविक मे हकदार है। और क्या गारंटी है कि बाबा साहब अम्बेडकर की मूर्तियों को तोड़ना बंद कर देगें?

ओछी मानसिकता को छोड़कर NEW INDIA मे रहने का सबूत दीजिये, और इस महामानव को सम्मान उनकी जाति के आधार पर नही, उनकी प्रतिभा के आधार पर देनी चाहिये। यही सच्ची श्रद्धाजंलि होगी.....

जय भीम, जय संविधान

रोहित राज तिहोर...

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